
कैंसर जैसे गंभीर बीमारी की जांच अब और भी आसान हो सकती है। बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के वैज्ञानिकों ने एक बेहद ही सस्ती और portable जांच विकसित की है, जो खासतौर पर लीवर कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद कर सकती है।
ये नई तकनीक terbium नमाक एक धातु से बनी है, जो पृथ्वी पर बहुत ही कम पाई जाती है। वैज्ञानिको ने पाया की टेर्बियम जब एक खास enzyme – β-ग्लूकुरोनिडेस, जो की लीवर, ब्रेस्ट, किडनी, और कोनल कैंसर मे ज्यादा मात्रा मे पाया जाता है. इस के संपर्क मे आते ही एक साफ, हरे रंग की रोशनी मे चमकने लगता है। सबसे खास बात यह है कि इस सेंसर को इस तरह डिज़ाइन किया है कि वह एक छोटे से पेपर डिस्क पर फिट हो जाता है और इसकी चमक को देखने या मापने के लिए किसी महंगे उपकरण की ज़रूरत नहीं होती – एक साधारण UV लैंप और एक सॉफ्टवेयर ही काफी है।
इस नई तकनीक से वैज्ञानिको को ये उम्मीद है कि भविष्य मे कैंसर कि जांच, और समय पर इसका इलाज संभव हो सकता है।

