अंतरिक्ष में फैली स्पेस डेब्रिस या मलबा अब एक गंभीर समस्या बन चुका है। यह मलबा न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए ख़तरा है, बल्कि पूरी पृथ्वी के लिए भी एक बड़ा संकट है। स्पेस डेब्रिस अंतरिक्ष में मौजूद वे वस्तुएं हैं जो अब उपयोगी नहीं हैं परन्तु अंतरिक्ष में तैर रही हैं। इसमें काम में ना आने वाले उपग्रह, अंतरिक्ष मिशनों के अवशेष, रॉकेट लॉन्च के दौरान अलग हुए हिस्से शामिल हैं। इन मलबों की गति बहुत अधिक होती है, जिससे ये सक्रिय उपग्रहों और अंतरिक्ष यानों के लिए ख़तरा पैदा करते हैं।
हाल ही में, चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन से लौट रहे शेनझोउ-20 मिशन के एस्ट्रोनॉट्स को, स्पेस डेब्रिस से हुए नुकसान के कारण, अंतरिक्ष में कुछ और देर रहना पड़ा। चीन मानव अंतरिक्ष एजेंसी (CMSA) की जांच से पता चला कि मलबे के टुकड़ों ने अंतरिक्ष यान के शीशे पर खरोंचें पैदा कर दी थीं और इसके चलते अंतरिक्ष यात्री नियत तिथि के कुछ दिनों बाद पृथ्वी पर लौट पाए।
ज़ाहिर है कि इस मलबे से न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों की जान पर भी ख़तरा बना रहता है। साथ ही स्पेस डेब्रिस की मौजूदगी से पृथ्वी की कक्षा में प्रदूषण बढ़ता है और अंतरिक्ष यान की प्रणालियों में हस्तक्षेप का संकट भी बना रहता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सभी देश मिलकर अंतरिक्ष के मलबे को हटाने के लिए काम नहीं करते हैं, तो भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।

