हाल ही में देश को पहला स्वदेशी ‘वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ मिल गया। इस सिस्टम को आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने तैयार कर सफलतापूर्वक लागू किया।
वेसल ट्रैकिंग मैनेजमेंट सिस्टम उपग्रहों और दूसरे उपकरणों का उपयोग कर जहाजों की स्थिति, स्थान और गतिविधियों पर नज़र रखने की एक तकनीक है, इससे जहाज़ों की आवाजाही को सुरक्षित, सटीक और सुलभ बनाया जाता है। अब तक भारतीय बंदरगाहों पर आयातित सिस्टम्स का उपयोग किया जा रहा था।
आईआईटी मद्रास के नेशनल टेक्नोलॉजी सेंटर फॉर पोर्ट्स, वाटरवेज़ एंड कोस्ट्स (NTCPWC) द्वारा विकसित ये तकनीक अभी केरल स्थित Vizhinjam International Seaport Limited में लगाई गई है। जल्द ही दूसरे बंदरगाहों पर भी इसे लगाया जाएगा। स्वदेशी VTMS से अब इसका पूरा नियंत्रण भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के पास रहेगा।
ये प्रणाली स्केलेबल है, यानि इसे दूसरे बंदरगाहों पर बड़े पैमाने पर भी लगाया जा सकता है। इस लागत प्रभावी स्वदेशी वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से आयात और निजी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय समुद्री क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

