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IISF 2025 का शुभारंभ, पंचकूला बना विज्ञान का केंद्र

 

भारत का 11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2025 की शुरुआत आज पंचकूला में उत्साह और ऊर्जा के साथ हुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। उनके साथ भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत और डॉ. वीके पॉल, डीएसटी के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर, डीएसआईआर की सचिव और सीएसआईआर की महानिदेशक,  डॉ. एन. कलैसेल्वी, और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी मौजूद रहे।

विज्ञान से समृद्धि: for atmanirbhar bharat थीम पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के पहले दिन की शुरुआत भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से हुई, जहाँ उन्होंने छात्रों और युवा वैज्ञानिकों से संवाद किया और स्पेस में बिताए अपने अनुभवों को बेहद सरल और रोचक तरीके से साझा किया।

शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपना मिशन पूरा किया है, ने बताया कि अंतरिक्ष में जीवन कैसा होता है—कैसे वहां वजनहीनता (microgravity) में उन्हें चलना-फिरना, खाना-पीना, सोना और रोजमर्रा की गतिविधियाँ पूरी करनी होतीं थीं। उन्होंने बच्चों को बताया कि स्पेस में उन्होंने क्या-क्या प्रयोग किए और और कैसे यह प्रयोग बेहद अनुशासन और निर्धारित समय के अनुसार किए जाते हैं।

सत्र के दौरान बच्चों और बड़ों ने उनसे कई प्रश्न पूछे— शुभांशु ने सभी सवालों के जवाब प्रेरक अंदाज़ में दिए।

फेस्टिवल के पहले दिन एक एक्सपो का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नेशनवाइड इन्नोवेशन चैलेंज के विनर्स की भी अनाउंसमेंट की गई।

Ministry of Earth Sciences की अगुवाई में आयोजित यह कार्यक्रम 6 से 9 december तक पंचकुला में आयोजित किया गया है। इसमें भारत के अलग-अलग राज्यों से हज़ारों छात्र, युवा रिसर्चर और साइंस पसंद करने वाले लोग इस साइंस फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा, ISRO, DRDO और दूसरे बड़े साइंटिफिक संस्थानों के

सीनियर साइंटिस्ट और रिसर्चर भी आए हैं, जो अलग-अलग सेशन और बातचीत के प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे। इस महोत्सव में साइंटिस्ट के बीच इंटरैक्टिव सेशन और देश की ज़रूरतों के हिसाब से अलग-अलग पब्लिक रिलेशन एक्टिविटीज़ भी शामिल की गई है।

यह फेस्टिवल आने वाले दिनों में कई वैज्ञानिक प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं, युवा संवाद सत्रों और नवाचार प्रदर्शनों का मंच बनेगा।

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