fbpx
News Research

ISRO द्वारा तैयार नए Satellite नक्शे से विकास योजनाओं को मिलेगी सटीक दिशा

 

ISRO ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे भारत का हाई-रिज़ॉल्यूशन Land Use और Land Cover (LULC) मैप तैयार कर लिया है। इस मैप की मदद से अब देश के छोटे-छोटे गांवों की ज़मीन के उपयोग और स्थिति की सटीक जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

इस मैप को (1:10,000) एक से दस हज़ार के स्केल पर तैयार किया गया है। यानी नक्शे में 1 सेंटीमीटर की दूरी ज़मीन पर 10,000 सेंटीमीटर या 100 मीटर के बराबर होगी।

इससे खेती, तालाब, सड़क, स्कूल और खदान जैसी जगहों को पहचानना अब आसान हो गया है। यह सारा डेटा सरकारी विभागों को दे दिया गया है, और पंचायती राज मंत्रालय के ग्राम मानचित्र पोर्टल पर भी उपलब्ध करा दिया गया है।

यह मैप सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों पर आधारित है। सैटेलाइट धरती से टकराकर वापस आने वाली रेडीऐशन को रिकॉर्ड करते हैं। पानी, पेड़ और मिट्टी जैसी चीजें इस रेडीऐशन को अलग तरीके से परावर्तित करती हैं। कंप्यूटर इन्हीं फ़र्कों को समझकर पहचानता है कि जमीन पर क्या मौजूद है। और इसी प्रक्रिया को remote sensing कहा जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है, कि यह मैप गांवों के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होगा। पहले पंचायतें कई फैसले अंदाज़े या अनुभव के आधार पर लेती थीं, जैसे कुआं या सड़क कहां बनाई जाए। लेकिन अब सैटेलाइट डेटा की मदद से ऐसी ज़रूरतों के लिए, सही जगह का चयन ज्यादा सटीक तरीके से किया जा सकेगा।

इतना ही नहीं, यह नक्शा पानी बचाने, पेड़ लगाने और बाढ़ या सूखे जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद करेगा। अब गाँव के लोग ग्राम मानचित्र जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी ज़मीन और संसाधनों की पूरी जानकारी देख पाएंगे। योजनाओं को सटीक और असरदार बनाने वाली यह वैज्ञानिक उपलब्धि पूरे भारत के विकास के लिए एक बड़ा कदम है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like