
मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं का निवारण करने के लिए नई तकनीकों पर तेज़ी से काम किया जा रहा है। इसी दिशा में Elon Musk की कंपनी Neuralink ने एक खास सर्जिकल रोबोट तैयार किया है, जो दिमाग़ के किसी भी हिस्से तक आसानी से पहुंच सकता है।
Neuralink कंपनी के अनुसार, यह रोबोट बालों से भी पतले धागे-जैसे सेंसर्स को दिमाग़ के ऊतकों में लगा सकता है। यही सेंसर न्यूरॉन्स के Electrical Signals को पढ़कर उन्हें कंप्यूटर चिप तक भेजते हैं। यानी यह रोबोट दिमाग की भाषा को कंप्यूटर की भाषा में बदलने वाला एक पुल है।
Brain-Computer Interface (BCI) पर आधारित इस तकनीक से कई लोगों को सक्षम बनाया जा सकता है। जैसे, अगर किसी का शरीर लकवाग्रस्त है, तो रोबोट दिमाग के हाथ हिलाने वाले सिग्नल को पढ़ेगा। फिर कंप्यूटर उस सिग्नल को समझकर फोन, कंप्यूटर कर्सर, या रोबोटिक हाथ को चला सकता है। यानी इंसान सिर्फ सोचकर टाइप कर सकता है या चीज़ों को हिला सकता है।
दिमाग बहुत नाज़ुक होता है, इसलिए यह रोबोट कैमरों और सेंसर की मदद से खून की नसों से बचकर काम करता है, ताकि चोट लगने का ख़तरा कम रहे।
कंपनी का कहना है, कि यह नई तकनीक भविष्य में कई तरह की दिमागी बीमारियों जैसे मिर्गी, Parkinson, डिप्रेशन और PTSD के इलाज में मदद कर सकती है।
हालांकि यह तकनीक अभी टेस्टिंग के दौर में है, और आम लोगों के लिए पूरी तरह मंजूर नहीं हुई है। लेकिन विशेषज्ञ इसे दिमाग़ी बीमारियों के इलाज की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

