
आज पूरी दुनिया अंतरिक्ष में अपनी पहचान बनाने की दौड़ में लगी हुई है। हर महीने सैकड़ों रॉकेट अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं। ये रॉकेट भले ही देशों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रहे हों लेकिन इनके उड़ने से भारी मात्रा में कार्बन और धुएं का उत्सर्जन होता है जो पर्यावरण के लिए काफी नुकसानदायक है। इसके साथ ही इनके लॉंच में करोड़ो का खर्चा आता है। यही वजह है कि अब वैज्ञानिक और शोधकर्ता ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित और किफायती हों।
इसी दिशा में काम करते हुये चेन्नई की स्टार्टअप कंपनी स्पेस किड्ज़ इंडिया ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस कंपनी ने भारत का पहला इलेक्ट्रिक रॉकेट- VAYUPUTHRA बनाया है जो बिना ईंधन जलाए, सिर्फ ₹25 में, बिजली की मदद से उड़ान भर सकता है। फिलहाल यह 6 किलोमीटर तक की low altitude research के लिए उचित है।
शोधकर्ताओं ने इस रॉकेट को 3डी प्रिंटिंग तकनीक की मदद से तैयार किया है। इसके अलावा शोधर्ताओं ने इसमें Carbon fiber और biodegradable plastic का इस्तेमाल किया है जो इसे हल्का और मज़बूत बनाता है।
इस रॉकेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसको ज़रूरत के हिसाब से बदला या तैयार किया जा सकता है। इसमें ब्रशलेस डीसी मोटर (Brushless DC Motor ) लगे हैं, जो रॉकेट को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। क्योंकि इसमें ईंधन नहीं जलता, इसलिए इसे लॉन्च करने के लिए किसी लॉन्चपैड की ज़रूरत नहीं है। इससे इसे कहीं से भी आसानी से उड़ाया जा सकता है।
शोधकर्ताओं को यह उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की तकनीकें छोटे सैटेलाइट लॉन्च, शोध अभियानों और अंतरिक्ष यात्राओं को और अधिक किफायती और टिकाऊ बना सकती हैं।

