
भारत की जानी-मानी वैज्ञानिक Dr. Soumya Swaminathan को दुनिया की सबसे पुरानी वैज्ञानिक संस्था The Royal Society of London ने अपना फेलो चुन लिया है। यह आजीवन सम्मान उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिन्होंने विज्ञान और शोध के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया हो।
Dr. Soumya Swaminathan के लिए यह उपलब्धि और भी ख़ास है क्योंकि उनके पिता और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक स्वर्गीय एम. एस. स्वामीनाथन भी इस संस्था के फेलो रह चुके हैं। भारत से यह सम्मान प्राप्त करने वाली पिता-पुत्री की. यह पहली जोड़ी है।
365 साल पुरानी The Royal Society of London के इतिहास में फेलो चुनी जाने वाली वह दूसरी भारतीय महिला वैज्ञानिक हैं। उनसे पहले यह सम्मान साल 2019 में वैज्ञानिक गगनदीप कंग को मिला था।
डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने Tuberculosis और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अहम काम किया है। वह भारत के राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की मुख्य सलाहकार हैं। साथ ही वह भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR की महानिदेशक भी रह चुकी हैं।
इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में मुख्य वैज्ञानिक का पद संभालने वाली पहली वैज्ञानिक भी डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ही थीं। उन्हें मार्च 2019 में नवनिर्मित इस पद पर नियुक्त किया गया था। कोविड काल की कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने यह ज़िम्मेदारी बख़ूबी निभाई तथा पूरे विश्व की बेहतरी के लिए कार्य किया।

