fbpx
News Research

El Niño से कमज़ोर हो सकता है भारत का मानसून

 

तपती गर्मी के बीच अब लोगों की नज़रें मानसून पर टिकी हैं। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है, कि साल 2026 में El Nino का असर भारत के मानसून पर पड़ सकता है, जिससे कई इलाकों में कम बारिश होने की संभावना है। El Nino एक प्राकृतिक मौसमी प्रक्रिया है जो तब बनती है जब प्रशांत महासागर के बीच और पूर्वी हिस्से का पानी बहुत ज़्यादा गर्म हो जाता है, और इसका असर भारत के मानसून पर अक्सर देखा गया है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर में El Nino धीरे-धीरे मज़बूत हो रहा है, जिसके चलते भारत में बारिश कम हो सकती है, गर्मी ज़्यादा पड़ सकती है, और कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। क्योंकि भारत में जून से सितंबर तक होने वाली मानसूनी बारिश देश की लगभग 70% ज़रूरतों को पूरा करती है, इसलिए इसका सीधा असर खेती, जल भंडार और गांवों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, ऐसा भी नहीं है, कि हर बार El Nino की वजह से मानसून कमज़ोर ही हो, क्योंकि कई बार positive Indian Ocean Dipole जैसे मौसमी कारक इसका असर कम भी कर देते हैं… और कई बार यह प्रक्रिया अपने आप भी कमज़ोर पड़ जाती है।

दरअसल, ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम पहले से ज़्यादा अनिश्चित हो गया है। जिसके चलते सटीक अनुमानों के लिए वैज्ञानिकों को मौसमी बदलावों और प्रक्रियाओं पर लगातार  नज़र रखनी पड़ती है। इसलिए मौसम  के पूर्व अनुमानों पर नज़र रखते हुए हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like