
10 दिसंबर 2025 को विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान, नोबेल पुरस्कार के समारोहों का आयोजन स्वीडन के स्टॉकहोम और नॉर्वे के ओस्लो में किया गया।
विज्ञान, साहित्य, और अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कारों की भव्य शाम बड़े ही सुंदर ढंग से स्वीडन के राजसी शहर स्टॉकहोम में मनाई गई, जिसको दुनिया भर ने लाइव टेलीकास्ट के ज़रिए देखा।
समारोह में स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
रसायन विज्ञान के क्षेत्र में यह पुरस्कार जापान के सुसुमु कितागावा, ऑस्ट्रेलिया के रिचर्ड रॉबसन और अमेरिका के उमर याघी को “मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स” के विकास के लिए दिया गया।
भौतिकी क्षेत्र में यह पुरस्कार अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों — जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवारेट और जॉन एम. मार्टिनिस — को संयुक्त रूप से दिया गया। इन वैज्ञानिकों को यह सम्मान इलेक्ट्रिक सर्किट में “माइक्रोस्कोपिक क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग” और “एनर्जी क्वानटाइजे़शन” की खोज के लिए मिला है।
चिकित्सा और जीव विज्ञान के क्षेत्र में इस बार तीन वैज्ञानिकों, जापान के शिमोन साकागुची और यूएस की मैरी ई. ब्रन्को सहित युएस के ही फ्रेड रामस्डेल को “पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस” की खोज के लिए यह पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया।
इसी समारोह में साहित्य और इकोनामिक साइंसेज़ के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। जबकि,शांति पुरस्कार का समारोह, हर बार की तरह ओस्लो सिटी हॉल में बेहद सलीके से किया गया।
नोबेल पुरस्कार सर अल्फ्रेड नोबेल द्वारा छोड़ी गई वह धरोहर है, जिससे हर साल, दुनिया की बेहतरी के लिए काम करने वाले व्यक्तियों को, सम्मानित किया जाता है।

