
ज़रा सोचिए — अगर आपके घर की छत पर लगाया गया सोलर पैनल सिर्फ बिजली नहीं बल्कि ईंधन भी बना सके तो?
बेंगलुरु के Center for Nano and Soft Matter Sciences के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा next generation silicon based photoanode विकसित किया है जो सौर ऊर्जा से पानी के अणुओं को तोड़कर ग्रीन हाइड्रोजन मे बदल सकता है। यह हाइड्रोजन न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, बल्कि आने वाले वक्त में पेट्रोल-डीज़ल का सस्ता विकल्प भी बन सकती है।
इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि यह बेहद किफायती है, टिकाऊ है और बड़े पैमाने पर भी तैयार की जा सकती है। और इसके लिए किसी भी तरह के महंगे संसाधन या जीवाश्म ईंधन की जरूरत नहीं।टेस्ट के दौरान यह डिवाइस 10 घंटे तक लगातार चली, और शानदार प्रदर्शन किया। वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक घरों, फैक्ट्रियों और वाहनों तक पहुंचकर ग्रीन हाइड्रोजन को आम बना सकती है। इस उपकरण से जुड़े अध्ययन के नतीजे रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री द्वारा प्रकाशित जर्नल ऑफ मैटेरियल्स केमिस्ट्री ए में प्रकाशित हुए हैं।

