
पेट्रोल या डीज़ल में मिलावट की खबरें हम आए दिन सुनते हैं। ईंधन में केरोसिन की मिलावट कई बार बेहद खतरनाक साबित होती है। वाहनों के इंजन खराब हो जाते हैं, जहरीला धुआँ निकलता है और कई बार विस्फोट जैसी घटनाएँ भी सामने आती हैं। फिर भी मुनाफे के चक्कर में ऐसी खतरनाक लापरवाहियां की जा रही हैं ।
वहीं तेल से जुड़ी लापरवाही सिर्फ सड़क पर ही नहीं, बल्कि समुद्रों में भी गंभीर रूप ले रही है। आए दिन महासागरों में तेल के रिसाव की घटनाएं, समुद्री जीव जंतुओं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं।
इन्हीं दो बड़ी समस्याओं के हल के लिए आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने फेज़ सिलेक्टिव ऑर्गेनोजेलेटर (Phase- Selective Organogelator) या PSOG नामक एक विशेष पदार्थ बनाया है जो ख़ास तेलों को पहचानकर उन्हें जेल के रूप में बदल देता है। खास तरह से डिजाइन किया गया यह ‘PSOG’ केरोसिन और डीज़ल की मौजूदगी में ही जेल बनाता है, जबकि बाकी सॉल्वेंट्स या तेलों पर इसका असर नहीं होता।
Chemical Engineering पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार यह तकनीक पेट्रोल और डीज़ल में हो रही मिलावट को रोकने मे मददगार साबित हो सकती है। इतना ही नहीं, इसकी मदद से भविष्य में पानी के शुद्धिकरण और तेल रिसाव की घटनाओं से निपटने में भी सहायता मिलेगी। फिलहाल शोधकर्ता इस पदार्थ के बेहतर डिज़ाइन और कार्यक्षमता पर काम कर रहे हैं ।

