वैज्ञानिकों ने हमेशा से ही कचरे को संसाधनो मे बदलने का हर मुमकिन प्रयास किया है। चाहे वो waste food को biofuel मे बदलने के लिए हो या फिर कचरे से बिजली बनाने के लिए – विज्ञान ने हर मोड़ पर ये साबित किया है की waste को wealth मे बदला जा सकता है।
इसी दिशा मे Nagaland University के Agricultural Engineering and Technology विभाग के शोधकर्ताओं की एक टीम ने bio-based soft technology विकसित कि है जो प्रकृतिक संसाधनो जैसे पौधे, algae और सूक्ष्म जीवों का इस्तेमाल करके गंदे पानी को न केवल साफ करती है बल्कि उसमे से biofuel, biogas और अन्य पोषक तत्वों को निकालने मे सक्षम है। इस तकनीक की सबसे खास बात ये है कि इस तकनीक को ग्रामीण, या खेतों जैसे इलाकों में भी आसानी से लगाया जा सकता है। इससे खेतों को मुफ्त खाद मिल सकती है, घरों मे गैस, और गांवों को साफ पानी — वो भी बिना भारी खर्च के। फिलहाल ये तकनीक लैब स्तर पर है, लेकिन इसका अगला कदम पायलट प्रोजेक्ट्स और गांवों में इसका प्रयोग है।
Current Opinion in Environmental Science & Health पत्रिका मे प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, ये तकनीक न केवल waterbodies मे बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने मे सक्षम है बल्कि sustainable future कि राह मे एक नया कदम है।

