आमतौर पर दफ्तरों में काम करते वक्त, स्कूल या लाइब्रेरी में पढ़ाई करते वक्त यहां तक घरों में टीवी या मोबाइल देखते वक्त, हम बहुत समय कुर्सी या सोफ़े पर बैठे बैठे बिताते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक यूं बैठे रहने से हमारा मस्तिष्क सिकुड़ सकता है ।
जी हां अमेरिका के वैंडरबिल्ट विश्वविद्यालय द्वारा किया गया नया शोध यही कहता है, विश्विद्यालय के मेमोरी और अल्ज़ाइमर सेंटर के शोधकर्ता पिछले 7 साल से ये अध्ययन कर रहे थे, उन्होंने लंबे समय तक कुर्सियों पर बैठने वाले लोगों को एक मॉनीटर पहनाया और उनकी रोज़ाना की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया ।
अध्ययन में देखा गया कि जो लोग रोज़ाना लगभग 13 घंटे बैठे रहते हैं उनके दिमाग़ के याद्दाश्त और अल्ज़ाइमर से जुड़े हिस्से धीरे धीरे पतले हो रहे थे यानी सिकुड़ रहे थे । ये असर उन पर भी देखा गया जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज़ भी करते हैं ।
शोधकर्ताओं के मुताबिक़ लंबे समय तक बैठने से मस्तिष्क तक खून का फ़्लो कम होने लगता है, जिसके चलते मस्तिष्क के सेल्स कमजोर होने लगते हैं, दूसरी तरफ़ बाकी शरीर में सूजन भी बढ़ सकती है, जिससे मस्तिष्क को नुकसान पहुंच सकता है, शोध में यह भी पाया गया, कि जिन लोगों में अल्ज़ाइमर का खतरा बढ़ाने वाला एपोलाइपोप्रोटीन E4 (APOE-4) जीन होता है, ऐसे लोगों में देर तक बैठे रहने का असर ज्यादा देखा गया। ये अध्ययन विज्ञान पत्रिका Alzheimer and Dementia में प्रकाशित किया गया है।
अब अगर आप शरीर और मस्तिष्क दोनों के स्वास्थ को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तो रोजाना exercise करना ही काफी नहीं, एक जगह देर तक कुर्सी पर बैठने से भी बचना ज़रूरी है । याद्दाश्त बेहतर रखनी हो तो ज्यादा देर तक एक जगह पर न बैठे बीच बीच में उठकर टहलते रहें यानी दिन भर शरीर को एक्टिव रखें । उम्मीद है ये बात आप याद रखेंगे ।

