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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025: संकट में सेवाओं की पहुंच पर ज़ोर

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आज की भागदौड़ और बदलती दुनिया में हर किसी की ज़िंदगी तनाव से भरी हुई है। चाहे वो पढ़ाई का तनाव हो, नौकरी का, या ज़िम्मेदारियों का — हम अक्सर शरीर की थकान को तो समझ लेते हैं, लेकिन मन की थकान को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जबकि मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य।

इसी विषय में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) मनाया जाता है। इसका मकसद है लोगों को यह याद दिलाना कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी ज़रूरी है। इस साल का थीम है — “Access to Services – Mental Health in Catastrophes and Emergencies”,

यानि किसी संकट या महामारी— जैसे भूकंप, बाढ़, युद्ध या कोई दुर्घटना के समय लोग सिर्फ शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत प्रभावित होते हैं। इसलिए यह ज़रूरी है कि उस वक़्त भी हर इंसान को मानसिक तनाव को दूर करने के लिए सेवाएँ मिलें, चाहे वह किसी भी जगह पर हो या किसी भी स्थिति में।

हमारी असली ताकत सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत होना भी है। जैसे हम अपने शरीर की देखभाल करने के लिए रोजाना व्यायाम करते है, healthy खाना खाते है ठीक वैसे ही मन को ठीक रखने के लिए हमे जरूरत है छोटे-छोटे कदम उठाने की — जैसे खुद के लिए समय निकालना, गहरी साँस लेना, संगीत सुनना, किसी से अपनी बातें साझा करना, एक-दूसरे का सहारा बनना और खुद का ख्याल रखना। याद रखें — शारीरिक मजबूती जरूरी है, लेकिन मन की शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

 

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