थाईलैंड के चैयाफुम इलाके में, लगभग 10 साल पहले वैज्ञानिकों को बहुत बड़ी हड्डियां मिली थीं। अलग-अलग संस्थानों की रिसर्च और जांच के बाद, वैज्ञानिक अब इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि पाई गई हड्डियां एक विशालकाय सॉरोपॉड की हैं, जो साउथ ईस्ट एशिया में अब तक खोजा गया सबसे बड़ा डायनासोर भी है। वैज्ञानिकों ने इस नई प्रजाति का नाम Nagatitan chaiyaphumensis रखा है।
जिसका अर्थ है चैयाफुम से मिला सर्प रूपी दैत्य… चैयाफुम, थाईलैंड का वही इलाका है, जहां 1986 में पहली बार, थाई डायनासोर प्रजाति की औपचारिक रूप से पहचान की गई थी। नागाटाइटन अब इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 14वीं डायनासोर प्रजाति है।
वैज्ञानिकों के अनुसार लंबी गर्दन वाला यह डायनासोर लगभग 27 मीटर लंबा और 27 टन भारी था, यानी इसका वज़न लगभग 9 एशियाई हाथियों के बराबर माना जा रहा है। शोध के अनुसार नागाटाइटन 11.3 करोड़ साल पहले शुरुआती क्रेटेशियस काल में रहता था और अपने विशालकाय स्वरूप के बदौलत इसको शिकारियों का डर भी कम था।
नागाटाइटन को “अंतिम टाइटन” भी कहा जा रहा है, क्योंकि इसके बाद समुद्र का जलस्तर बढ़ने से यह इलाका उथला समुद्र बन गया, जहां सॉरोपॉड डायनासोर नहीं रह सकते थे। इसलिए यह थाईलैंड में खोजा गया अंतिम विशालकाय सॉरोपॉड भी हो सकता है।

