fbpx
Innovation News Research

इंसानी बालों से बने मैट्स ने बदला नदी सफ़ाई का तरीका

 

Hair mats trap pollutants before wastewater reaches rivers.

क्या आपने कभी सोचा है, कि इंसान के बाल भी नदियों को साफ़ रखने के काम आ सकते हैं? सुनने में यह थोड़ा अजीब तो लगता है, पर इसे सच कर दिखाया है भारत की केसकंबली फाउंडेशन ने, जो अपने नवाचार से यमुना के पानी को और प्रदूषित होने से बचा रही है।

यह फाउंडेशन लोगों के दान किए गए बालों से खास मैट बना रही है। इन मैट्स को गंदे नालों में लगाया जाता है, ताकि पानी में मौजूद गंदगी और तेल जैसी चीज़ें वहीं रुक जाएं, क्योंकि यही गंदा पानी आगे जाकर यमुना नदी में मिल जाता है।

दरअसल इंसानी बाल अपने वज़न से लगभग 9 गुना ज़्यादा तेल सोख सकते हैं। और इसी ख़ासियत का इस्तेमाल करते हुए ये मैट पानी में मौजूद तेल, चिकनाई और दूसरी गंदगी को रोकने का काम करते हैं। फाउंडेशन के अनुसार इन्हीं बालों से बने मैट ने पानी में COD और BOD जैसे प्रमुख pollution indicators को 40 प्रतिशत तक कम करने में मदद की है।

सबसे ख़ास बात यह है, कि इस्तेमाल के बाद इन मैट्स को कचरे में फेंकने की बजाय खेतों में इस्तेमाल होने वाले मल्च में बदल दिया जाता है। यानी एक ही चीज़ पहले पानी साफ़ करती है और फिर खेती में काम आती है। इस तरह से संस्था द्वारा अब तक एक हज़ार किलोग्राम बालों को सफलतापूर्वक रिसाइकल किया जा चुका है।

आज जब नदियां प्रदूषण की समस्या से जूझ रही हैं, ऐसे में इस तरह की नई सोच हमारे पर्यावरण के लिए उम्मीद बनकर सामने आ रही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like