आसमान प्रेमियों के लिए 30 और 31 मई 2026 की रात ख़ास होने वाली है, क्योंकि इस दिन ब्लू माइक्रोमून दिखाई देगा।
दरअसल, ब्लू माइक्रोमून दो घटनाओं का मेल है। ब्लू मून उस पूर्णिमा को कहते हैं, जो एक ही महीने में दूसरी बार आती है, जबकि माइक्रोमून तब बनता है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर होता है।
इस बार चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर दूर होगा। यही वजह है कि यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 6% छोटा और 10% कम चमकीला दिखाई देगा। हालांकि इसका नाम ब्लू मून है, लेकिन चंद्रमा नीला नहीं दिखेगा। यह हमेशा की तरह सफेद, पीला या हल्का नारंगी रंग का ही नज़र आएगा।
इस खगोलीय घटना की एक और खास बात यह है, की इस दौरान चंद्रमा अंटारेस नाम के चमकीले लाल तारे के बेहद करीब दिखाई देगा, जिससे यह नज़ारा और भी आकर्षक बन जाएगा।
आपको बता दें कि भारत में ब्लू माइक्रोमून 31 मई की सुबह लगभग 2 बजकर 15 मिनट पर अपने चरम पर होगा। और यह नज़ारा आप हमेशा की तरह अपनी खुली आंखों से देख सकते हैं। परंतु अगर आपके पास दूरबीन जैसा उपकरण है, तो चांद को इस रूप में और करीब से देखने का आनंद भी लिया जा सकता है।
तो अगर आपको आसमान और अंतरिक्ष की घटनाओं में दिलचस्पी है, तो 31 मई को आसमान की ओर देखना न भूलिए। क्योंकि यह साल की सबसे छोटी पूर्णिमा को देखने का एक शानदार मौका होगा।

