भारत में प्राकृतिक गैस के नए भंडार की उम्मीद बढ़ गई है। ONGC ने ओडिशा के कोणार्क तट से लगभग 43 किलोमीटर (23 नॉटिकल मील) दूर, महानदी बेसिन में प्राकृतिक गैस की खोज की है।
यह खोज MDW-28 नाम से पहचाने जाने वाले कुएं में हुई है। ONGC के अनुसार, इस कुएं से लगातार तीन दिनों तक अच्छी दर से गैस निकली, और इस दौरान गैस का दबाव भी बना रहा। हालांकि कंपनी ने अभी flow rate या कुल भंडार नहीं बताया है।
यह खोज समुद्र में लगभग 770 मीटर गहरे पानी में हुई है। ड्रिलिंग के लिए Platinum Explorer ड्रिलशिप का इस्तेमाल हुआ और कुएं को 1,623 मीटर की टारगेट गहराई तक खोदा गया, जहां 1,450 मीटर के क़रीब गैस मिली।
महानदी बेसिन महानदी के डेल्टा से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है, जहां लाखों सालों से मिट्टी जमा होने से तेल-गैस को रोकने वाली चट्टानें बनी हैं। ONGC ने इस अभियान में कुल चार कुएं खोदने की योजना बनाई है, जिसमें MDW-28 पहला है। अब आगे की जांच से पता चलेगा कि यहां कुल भंडार कितना है, और क्या यह व्यावसायिक उत्पादन के लायक है…
भारत अपनी ज़रूरत की लगभग 50% नेचुरल गैस दूसरे देशों से महंगे दाम पर खरीदता है। अगर महानदी बेसिन में बड़ा भंडार मिलता है तो आयात पर निर्भरता और खर्च दोनों कम होंगे। साथ ही बिजली उत्पादन, घरेलू गैस और कई उद्योगों के लिए भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

