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ना कंप्रेसर, ना रेफ्रिजरेंट : Ambiator ने बदला कूलिंग का फॉर्मूला!

 

भारत में बढ़ती गर्मी के बीच जहां लोग राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं, वहीं इसका पर्यावरण पर असर भी चिंता बढ़ा रहा है। AC के इस्तेमाल से न सिर्फ बिजली ज़्यादा लगती है, बल्कि इससे निकलने वाली गैसें वातावरण को और गर्म करती हैं।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए, हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी Ambiator ने एक नई कूलिंग तकनीक तैयार की है। जो कम बिजली में ठंडी हवा देती है, और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचाती। Ambiator का यह सिस्टम अंदर की हवा को रीसायकल करने के बजाय, बाहर से ताज़ी हवा को अंदर खींचता है, और वाष्पीकरण का उपयोग करके उसे ठंडा करता है।

ड्यू पॉइंट रीजनरेटिव इवेपोरेटिव कूलिंग नामक इस तकनीक को विशेष रूप से भारतीय परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है। और इसमें न तो कंप्रेसर की ज़रूरत है और न ही किसी रेफ्रिजरेंट गैस की।

कंपनी के मुताबिक अगर बाहर का तापमान 45 डिग्री भी हो, तब भी यह सिस्टम कमरे का तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच बनाए रखता है। इसके अलावा, यह सिस्टम सिर्फ 1 किलोवॉट बिजली पर चलता है, और साथ ही इसे मोबाइल या कंप्यूटर से भी मॉनिटर किया जा सकता है।

फिलहाल, इस तकनीक का इस्तेमाल हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में स्थित फैक्टरीज़, दफ्तरों, अस्पतालों और घरों में सफलतापूर्वक किया जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है, कि अगर इस तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाया जाए, तो यह गर्मी और प्रदूषण की समस्या को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

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