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तीव्रता और भीषणता का दूसरा नाम है बम साइक्लोन

अमेरिका इन दिनों भीषण बर्फीले चक्रवात का सामना कर रहा है। क्रिसमस और नए साल के छुट्टियों के इस सीजन में हजारों फ्लाइट रद्द हो चुकी हैं। मौसम विज्ञानी इसे बम साइक्लोन बता रहे हैं। माना जा रहा है कि हालात अभी और बदतर हो सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि यह वो बर्फ नहीं है जो हम बचपन में देखते थे। तूफान के चलते अमेरिका और कनाडा में अब तक 60 लोग जान गंवा चुके हैं। कई इलाकों में तो तापमान 50 डिग्री तक गिर गया। दोनों देशों में करीब 25 करोड़ आबादी इससे प्रभावित है। आइए जानते हैं कि बम साइक्लोन क्या होता है।

हरिकेन से अलग होता है बम साइक्लोन

आसान शब्दों में कहें तो बम साइक्लोन बहुत तेजी से तीव्र होता है। ऐसे चक्रवात तब बनते हैं जब धरती की सतह के पास की हवा वायुमंडल में तेजी से ऊपर उठती है। इससे बैरोमेट्रिक दबाव में अचानक गिरावट आती है। यानी 24 घंटे के भीतर कम से कम 24 मिलीबार।

जैसे-जैसे हवा ऊपर उठती है, तूफान के बेस पर हवा सर्पीली होती जाती है। जब तक चक्रवात के शीर्ष पर हवा इतनी तेजी से ऊपर उठती रहती है कि नीचे इतनी हवा उसे रिप्लेस नहीं कर पाए, बैरोमीटर का दबाव गिरता रहता है। हालांकि सभी बम साइक्लोन, हरकैन नहीं होते हैं। लेकिन बहुत तेज हवा, भारी बारिश और तूफ़ान की आंख जैसी विशेषताएं भी कभी-कभी बम साइक्लोन में दिखती हैं।

इसलिए है बम साइक्लोन नाम

चूंकि बम बिस्फोट के समय भी अचानक से दबाव कम होता है। ठीक ऐसा ही इस साइक्लोन में भी होता है। इसलिए मौसम विज्ञानी इसे बम साइक्लोन कहते हैं। लेकिन ऐसे चक्रवात को साइंटिफिक टर्म के रूप में बम साइक्लोन ही कहा जाता है।

हरिकेन से किस तरह है अलग

हरिकेन उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बनते हैं और गर्म समुद्रों द्वारा संचालित होते हैं। इस कारण, हरिकेन गर्मियों में या पतझड़ के शुरुआती मौसम में ज़्यादातर होते हैं। इस वक्त समुद्र का पानी सबसे गर्म होता है।

इसके विपरीत, बम साइक्लोन को बनने के लिए समुद्र के गर्म पानी की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि वे कभी-कभी समुद्र के ऊपर बनते हैं। वे भूमि पर भी दिखाई दे सकते हैं। जैसा कि मार्च 2019 में अमेरिका के उत्तरी मैदानों में आए चक्रवात के मामले में हुआ था।

हरिकेन के विपरीत, बम साइक्लोन मध्य अक्षांश में बनते हैं। यहां गर्म और ठंडी हवा के आगे के हिस्से टकरा सकते हैं। वे शायद ही कभी गर्मियों में स्ट्राइक करते हैं, जब उत्तरी गोलार्ध में मौसम आम तौर पर गर्म होता है। बल्कि, वे पतझड़ के जाने के वक्त और वसंत के शुरुआती मौसम के बीच बनते हैं। इस वक्त गर्म उष्णकटिबंधीय हवा ठंडी आर्कटिक हवा से टकराती है।

बम साइक्लोन कितने खतरनाक

कभी-कभी बम साइक्लोन सर्दियों में आने वाले पारंपरिक तूफानों की तरह व्यवहार करते हैं। लेकिन कभी-कभी वे भारी बाढ़, बर्फ़ीले तूफ़ान की स्थिति और हवा की गति को श्रेणी 1 तूफान के बराबर होते हैं।

बम साइक्लोन का असर अन्य तूफान की तरह ही होता है। हालांकि अगर ये तेजी से मजबूत होता है तो भीषण बन सकता है। जैसा कि अमेरिका में हो रहा है। इसका खतरा इस तथ्य में निहित है कि बम चक्रवात लोगों को हैरान कर सकते हैं।

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