आप अपनी उम्र तो जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी धमनियों की उम्र कितनी है? धमनियां यानी हमारी आर्टरीज़, जो हृदय से ख़ून को शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंचाती हैं।
हो सकता है कि आपकी उम्र तो 40 साल हो, पर आपकी धमनियाँ हो गई हों 60 साल की! क्योंकि इनकी उम्र तय होती है इनकी इलास्टिसिटी से। अगर ये लचीली हैं तो इनकी उम्र कम आंकी जाएगी, परंतु अगर ये कठोर हो रही हैं तो इनकी उम्र ज़्यादा है।
अभी तक तो हमें ऐसी जांच के लिए अस्पताल में जाकर महंगे टेस्ट और स्पेशलिस्ट की ज़रूरत पड़ती है। परंतु अब आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने ARTSENS (ARTerial Stiffness Evaluation for Non-invasive Screening)नामक एक आसान तकनीक तैयार की है, जो किसी भी जगह, कुछ ही मिनटों में धमनियों की सेहत और उम्र को एक नंबर दे सकती है।
पूरी तरह से non इनवेसिव इस तकनीक में, एक छोटा प्रोब गर्दन पर लगाया जाता है, और हल्के दबाव वाले कफ़ हाथ और जांघ पर लगाए जाते हैं। इससे गर्दन की नस की सख़्ती और महाधमनी से होकर गुज़रती, एक दबाव तरंग की गति को मापा जा सकता है।
इस रीडिंग से एक व्यक्ति की vascular age का पता चलता है। जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी इंसान में हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं होने की कितनी संभावना है।
अगर धमनियों में हो रहे बदलावों का पता समय रहते चल जाए, तो बेहतर खान-पान, नियमित व्यायाम और अच्छी जीवन शैली अपनाकर ऐसी बीमारियों के ख़तरे को कम किया जा सकता है।
आईआईटी मद्रास के शोधकर्ता, मिशन VESPA के ज़रिए, भारत के लोगों को ऐसी ही बीमारियों से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कई मेडिकल संस्थानों के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस अभियान में, देशभर में 800 Health Camp लगाने की योजना है। मिशन वेस्पा के तहत 6,400 से ज़्यादा लोगों की ARTSENS से जांच की जा चुकी है, और एक लाख से ज़्यादा लोगों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि इंडियन पॉपुलेशन के लिए सटीक standard reference range तैयार की जा सके।

