
हम यही मानते हैं कि जल के बिना न केवल पृथ्वी पर बल्कि कहीं भी जीवन संभव नहीं है। इसीलिए वैज्ञानिक, जीवन की संभावना का अंदाजा लगाने के लिए, दूसरे ग्रहों पर भी पानी की उपस्थिति तलाश करते रहते हैं।
मगर अब इस पुरानी धारणा को मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी MIT के वैज्ञानिकों ने चुनौती दे दी है। PNAS पत्रिका मे प्रकाशित एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है कि Ionic Liquids या तरल लवण भी जीवन का आधार बन सकते हैं इसलिए यह जरूरी नहीं की जीवन हमेशा पानी में ही पनपे।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जीवन को पनपने के लिए एक ऐसा तरल पदार्थ चाहिए जिसमें जीवन की सारी मेटाबॉलिक क्रियाएं संभव हो सकें। और यह तरल पदार्थ आयनिक लिक्विड हो सकते हैं क्योंकि इनमें प्रोटीन व बायोमोलेक्यूल्स आसानी से अपनी संरचना बनाए रख सकते हैं।
तो जिन खगोलीय पिंडों पर उचित तापमान और एटमॉस्फेरिक प्रेशर (atmospheric pressure) के अभाव में, पानी का मिलना असंभव है, वहां पर भी आयनिक लिक्विड अपनी विशेषताओं के चलते लंबे समय तक मौजूद रह सकते हैं और जीवन को एक आधार दे सकते हैं।
जहां पानी तेज़ गर्मी मे भाप बन कर उड़ जाता है वहीं अपनी thermal stability और low vapour pressure के चलते ये आयनिक लिक्विड लंबे समय तक स्थिर रह सकते हैं ।
वैज्ञानिकों का मानना है कि दूसरे ग्रहों या खगोलीय पिंडों पर खास परिस्थितियों में ये तरल लवण प्राकृतिक रूप से मौजूद हो सकते हैं। इस शोध के बाद जब वैज्ञानिक अन्य ग्रहों मे जीवन की खोज करेंगे तो वे केवल पानी की खोज नहीं बल्कि इस ‘तरल लवण’ की भी तलाश करेंगे।

