
23 December को “राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025” के वितरण समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन में बड़ी ही शालीनता और गरिमामय अंदाज़ से किया गया।
इन पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा इसी साल अक्टूबर में की गई थी, और 23 दिसंबर 2025 को आयोजित देश के दूसरे “राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार समारोह” में माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न श्रेणियां के अंतर्गत 24 प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार प्रदान किए।
इस बार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में आजीवन योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मान ‘विज्ञान रत्न’, प्रख्यात खगोल भौतिक विज्ञानी और पद्म भूषण सेसम्मानित स्वर्गीय प्रोफेसर जयंत विष्णु नारलिकर को मरणोपरांत प्रदान किया गया। इस पुरस्कार को Inter University Centre for Astronomy and Astrophysics Pune के वर्तमान Director प्रोफेसर आर. श्रीआनंद ने स्वीकार किया।
विशिष्ट क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देती विज्ञान श्री श्रेणी के अंतर्गत आईसीएआर-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीपीजीआर) के निदेशक- डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (कृषि विज्ञान), भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई के डॉ. यूसुफ मोहम्मद शेख (परमाणु ऊर्जा), CSIR-CCMB (हैदराबाद) के पूर्व निदेशक- डॉ. के. थंगराज (जीव विज्ञान), IIT मद्रास में रसायन विज्ञान के- प्रो. प्रदीप थलप्पिल (रसायन विज्ञान), इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई के प्रो. अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित (इंजीनियरिंग विज्ञान), CSIR-NEERI के निदेशक- डॉ. एस. वेंकट मोहन (पर्यावरण विज्ञान), TIFR मुंबई में प्रोफेसर- प्रो. महान एमजे (गणित और कंप्यूटर विज्ञान), और ISRO के अंतरिक्ष विभाग मे- श्री जयन एन (अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी) को पुरस्कार प्रदान किए गए।
विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर श्रेणी के अंतर्गत 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वालों में रहे:- BRIC-NIPGR के वैज्ञानिक- डॉ. जगदीश गुप्ता कपुगंती, ICAR-IIRR के वरिष्ठ वैज्ञानिक- डॉ. सतेंद्र कुमार मंगरौठिया (कृषि विज्ञान), IIIT-नई दिल्ली में कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी और कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर देबरका सेनगुप्ता और NCBS, बेंगलुरू की एसोसिएट प्रोफेसर- डॉ. दीपा अगाशे (जीव विज्ञान); IISER कोलकाता के विशेषज्ञ- डॉ. दिब्येंदु दास (रसायन विज्ञान); MoES-NCPOR के वैज्ञानिक- डॉ. वलीउर रहमान (भूविज्ञान); IISc, बेंगलुरू के- प्रो. अर्कप्रवा बसु (इंजीनियरिंग विज्ञान); TIFR में एसोसिएट- प्रो. सब्यसाची मुखर्जी, IIT मद्रास मे कंप्यूटर विज्ञान की प्रोफेसर श्वेता प्रेम अग्रवाल (गणित और कंप्यूटर विज्ञान); PGIMER-Pediatric Critical Care के डॉ. सुरेश कुमार (चिकित्सा); IIT कानपुर के प्रो. अमित कुमार अग्रवाल, IUCAA के संकाय सदस्य प्रो. सुरहुद श्रीकांत मोरे (भौतिकी); ISRO के इंजीनियर वैज्ञानिक- श्री अंकुर गर्ग (अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी): और IIT मद्रास में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर- मोहनशंकर शिवप्रकाशम (प्रौद्योगिकी और नवाचार)।
इस वर्ष का “राष्ट्रीय विज्ञान टीम पुरस्कार” देश की चर्चित “पर्पल रिवोल्यूशन” को गति प्रदान करने वाली सीएसआईआर-अरोमा मिशन की टीम को दिया गया।
इस पुरस्कार को CSIR Aroma Mission के मिशन डायरेक्टर डॉ प्रभोद कुमार त्रिवेदी पूरी टीम की ओर से प्राप्त किया।
इस मौके पर देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह और विज्ञान से जुड़े विभिन्न विभागों के सचिव भी विजेता वैज्ञानिकों को सम्मान देते हुए मौजूद रहे

