
बेंगलुरु स्थित Centre for Nano and Soft Matter Sciences (CeNS) के वैज्ञानिकों ने जलीय ज़िंक-आयन बैटरी (AZIBs) के लिए एक नया Cathode Material तैयार किया है, जिससे बैटरी का प्रदर्शन और स्थिरता दोनों बढ़ गए हैं।
जलीय ज़िंक-आयन बैटरी पानी-आधारित इलेक्ट्रोलाइट से चलती है, जो Solar energy और wind energy को सस्ते और सुरक्षित तरीके से जमा कर सकती है, और पर्यावरण के अनुकूल भी है।
इनमें एनोड के रूप में इस्तेमाल होने वाला ज़िंक तो आसानी से मिल जाता है, और इसकी क्षमता भी ज़्यादा होती है, लेकिन लंबे समय तक चलने वाला और ज़्यादा ऊर्जा जमा करने वाला Cathode Material तैयार करना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इसी का हल निकालने के लिए CeNS के वैज्ञानिकों ने Sulphur vacancy induced 1T-phase Molybdenum Disulfide का संश्लेषण किया है, एक ऐसा पदार्थ जो ज़िंक बैटरी को बड़े पैमाने पर ग्रिड भंडारण के लिए अधिक सक्षम बना सकता है।
इस metallic-phase सामग्री का सर्फेस एरिया भी अच्छा है, और चालकता भी बेहतर है, जिससे इलेक्ट्रोकेमिकल रिएक्शन तेज़ी से होते हैं और ज्यादा चार्ज भंडारण भी आसानी से हो जाता है।
इस शोध में वैज्ञानिकों ने यह भी पता लगाया कि बैटरी स्थिर रूप से 0.2 से 1.3 वोल्ट के बीच सबसे अच्छा और सुरक्षित काम करती है।
जब इस बैटरी को 500 बार चार्ज और डिस्चार्ज करके देखा गया, तो बैटरी ने लगभग 98% क्षमता बनाए रखी।
यह शोध अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के एक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
इस खोज से आगे चलकर सस्ती, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाली बैटरियां बनाई जा सकती हैं, जो बिजली ग्रिड में Solar और wind energy को बड़ी मात्रा में जमा करने में मदद करेंगी।

