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ViGo Sat: सरकारी स्कूल के छात्रों का अनोखा मिशन

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आज 28 फ़रवरी को, पूरे भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन समर्पित है भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रामन की खोज रामन प्रभाव या Raman Effect को। जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सीवी रामन की इस उपलब्धि ने भारतीय विज्ञान को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी और अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों के लिए एक प्रेरणा स्रोत का काम भी किया।

आज न्यूज़ इन साइंस में जो ख़बर हम आप के लिए लाए हैं, वो भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

ख़बर है.. तमिलनाडु के शिवगंगई जिले के एक सरकारी स्कूल की। जहां पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के 13 छात्रों ने किसानों की मदद के लिए केवल 6 महीनों में एक सैटेलाइट तैयार किया।

दरअसल ये छात्र आसमान की ऊंचाई पर मौजूद फंगस के बीजाणुओं, यानी fungal spores, का अध्ययन करना चाहते थे। जो हवा के साथ दूर-दूर तक फैलकर फसलों में बीमारी फैला सकते हैं।

क्योंकि इनके अचानक हमले से फसले बर्बाद हो सकती हैं, इसलिए वायुमंडल में इनकी मौजूदगी और पृथ्वी तक पहुंचने की इनकी संभावना को जानना फसलों को बचाने में सहायक होता है। पर यह जानकारी हमें धरती पर रहते हुए नहीं मिल सकती।

इसलिए इन छात्रों ने अपनी विज्ञान शिक्षा को सार्थक करते हुए, 600 ग्राम वज़न का एक छोटा सैटेलाइट तैयार किया और नाम दिया vigo sat.

इस सेटेलाइट में अध्ययन के लिए पांच सेंसर लगाए गए और इसका सरफेस इस तरह से तैयार किया गया कि फंगल स्पोर्स इसके साथ चिपक जाएं।

13 फरवरी 2026 को हीलियम गैस से भरे गुब्बारे की मदद से इसे पहली बार लॉन्च किया गया और यह वायुमंडल में लगभग 22 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। सैटेलाइट ने लगभग 3 घंटे हवा में रहते हुए फंगल स्पोर्स से जुड़ी जानकारी इकट्ठी की। मिशन की सबसे अच्छी बात यह रही कि नीचे लौटने के बाद पेलोड को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

इस उपलब्धि के लिए न केवल स्कूल के छात्र बल्कि इनके शिक्षक भी बधाई के पात्र हैं। इससे साबित होता है, कि नई सोच के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जनकल्याण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

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