इस वर्ष का राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, 28 फरवरी 2026 को पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर, प्रो. अजय सूद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस वर्ष का थीम है, ‘Women in Science: Catalysing Viksit Bharat’.
इस अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सेक्रेटरी प्रो. अभय करंदीकर और इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के प्रेसीडेंट प्रो. शेखर मांडे सहित देश के वैज्ञानिक जगत के गणमान्य सदस्यों और छात्रों ने हिस्सा लिया।
अपने भाषण में, प्रो. अजय सूद ने इस बात पर ज़ोर दिया, कि भारत की साइंटिफिक तरक्की को पॉलिसी डायरेक्शन और नेशनल मिशन्स के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
प्रो. अभय करंदीकर ने अपने भाषण में इस बात पर ज़ोर दिया, कि भारत के साइंस पॉलिसी आर्किटेक्चर को फ्रंटियर रिसर्च और ट्रांसलेशनल इनोवेशन दोनों को सपोर्ट करना चाहिए।
समारोह के उद्घाटन सत्र में CSIR-NAL की पूर्व साइंटिस्ट डॉ. शुभा अयंगर, NFTDC के डायरेक्टर डॉ. के. बालासुब्रमण्यम और प्रसार भारती के पूर्व CEO, श्री शशि वेम्पति द्वारा लेक्चर्स दिए और इस मौके पर एक पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया।
आपको याद दिल दे, कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस सर सी. वी. रमन द्वारा की गई खोज रमन प्रभाव की के लिए मनाया जाता है, जिसके लिए उन्हें 1930 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

