
जब भी हम अंटार्कटिका के बारे में सोचते हैं, तो एक जीव की छवि हमारे मन में ज़रूर उभरती है। वो जीव, जो इस बर्फीले महाद्वीप का प्रतीक भी है, और यहां का सम्राट भी!
जी हाँ, हम बात कर रहे हैं Emperor Penguins की… पर अब इन्हीं Emperor Penguins को International Union for Conservation of Nature (IUCN) ने Endangered श्रेणी में रख दिया है।
और वजह है – Global Warming और Climate Change
दरअसल, अंटार्कटिका की स्थिर और जमी हुई समुद्री बर्फ़ पेंगुइनों के रहने, पंख झड़ने, अंडे देने और चूज़ों को पालने के लिए बहुत ज़रूरी है। और धरती के गर्म होने का सीधा असर अंटार्कटिका की इस बर्फ़ पर पड़ रहा है, जो तेज़ी से पिघल रही है।
छोटे पेंगुइन बच्चे शुरुआती महीनों में पूरी तरह से बर्फ़ पर ही निर्भर रहते हैं। तापमान बढ़ने से जब समुद्री बर्फ़ समय से पहले पिघल कर टूट जाती है, तो बिना जल-रोधी पंखों वाले ये चूज़े अक्सर डूब कर ही मर जाते हैं।
वयस्क पेंगुइन भी हर साल पंख झड़ने की प्रक्रिया से गुज़रते हैं। पूरी तरह से नए पंख आने तक वो भी पानी में नहीं जा पाते। इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान अगर अचानक समुद्री बर्फ़ पिघल जाए तो वो भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2009 से 2018 के बीच लगभग 20 हजार Emperor Penguin गायब हो चुके हैं। और अगर हालात ऐसे ही रहे, तो साल 2080 तक इनकी आबादी आधी हो सकती है।

