हाल ही में NASA के पर्सिवियरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर लगातार जानकारी जुटाते हुए, मैराथन जितनी दूरी पूरी की। मंगल की पथरीली ज़मीन और धूल से भरी आंधियों के बीच इतनी लंबी दूरी तय करते हुए इस मिशन का आगे बढ़ना एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
जुलाई 2020 में लॉन्च हुआ परसेवरेंस रोवर 18 फरवरी 2021 को जेजे़रो क्रेटर में सफलतापूर्वक उतरा था। इसके बाद से यह लगातार मंगल के बारे में नई वैज्ञानिक जानकारियां इकट्ठा कर रहा है। इस दौरान रोवर ने अब तक उन इलाकों की जांच की है, जहां कभी झीलें और नदी मौजूद थीं। साथ ही चट्टानों और मिट्टी के कई महत्वपूर्ण नमूने भी जुटाए हैं, जिन्हें भविष्य में पृथ्वी पर भी लाया जा सकता है।
इसके अलावा, इस पर लगा एक छोटा उपकरण मॉक्सी ने मंगल के वातावरण से सफलतापूर्वक ऑक्सीजन भी बनाई है। MOXIE ने प्रयोग करते हुए मंगल के वातावरण में मौजूद Carbon dioxide (CO₂) को Oxygen में बदलकर 122 ग्राम से ज्यादा Oxygen बनाई। जो लगभग 10 मिनट तक एक इंसान के सांस लेने के लिए काफ़ी है।
यह भी एक बहुत बड़ी सफलता है क्योंकि अगर भविष्य में मंगल पर ही आवश्यकता अनुसार Oxygen बनाई जा सके तो मंगलपर भविष्य के मानव मिशनों के लिए पृथ्वी से ज़्यादा ऑक्सीजन ले जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। जिससे रॉकेट का वज़न और मिशन की लागत, दोनों कम होंगी।
नासा के अनुसार, पर्सिवियरेंस रोवर अभी भी पूरी तरह ऐक्टिव है, और भविष्य के मिशनों की तैयारी करते हुए आगे भी मंगल के नए इलाकों की खोज जारी रखेगा।

