अंतरिक्ष में हज़ारों अभियान भेज चुके NASA के पास डेटा का समंदर है। लेकिन इस डेटा का फ़ायदा तभी है जब यह आसानी से उपलब्ध हो और इसका उपयोग और अध्ययन करना आसान हो।
इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए NASA और IBM ने 2023 में ओपन-सोर्स AI मॉडल्स की शुरुआत की थी। जिसमें Prithvi मॉडल्स के बाद SDO मिशन पर आधारित Surya मॉडल को भी जोड़ा गया।
और अब इस सीरीज़ में चांद से जुड़ा एक AI मॉडल भी शामिल हो गया है—जिसका नाम है ‘NASA-IBM Lunar Foundation Model’.
यह चांद के लिए बना पहला फाउंडेशन मॉडल है। इसे 17 साल से चांद की परिक्रमा कर रहे LRO समेत, 4 मिशनों के 9 उपकरणों की 30 से ज्यादा लेयर्स पर ट्रेन किया गया है। यानी 30 से ज्यादा डेटा लेयर्स एक के ऊपर एक रखकर चांद का भूगोल समझाया गया है।
इस मॉडल को Hugging Face और GitHub पर ओपन-सोर्स रखा गया है, जिसे दुनिया भर के वैज्ञानिक और छात्र अपने शोध के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
NASA और IBM के अनुसार, इस AI मॉडल ने परीक्षणों में चांद की खास चीज़ों को पहचानने में पुराने तरीकों के मुकाबले 23 प्रतिशत तक बेहतर काम किया। इस मॉडल के ज़रिए चांद की सतह पर मौजूद गड्ढों का अध्ययन करके वैज्ञानिक उसके पुराने इतिहास
और उसमें हुए बदलावों को समझ सकते हैं। साथ ही इन गड्ढों के बेहतर नक्शे भविष्य में सुरक्षित लैंडिंग की जगह चुनने में भी मदद कर सकते हैं।चांद के ध्रुवों के पास मौजूद बर्फ़ की खोज में भी यह सहायक हो सकता है।
कुल मिलाकर इस ओपन सोर्स मॉडल का उद्देश्य, नासा द्वारा जुटाए गए अथाह डेटा को भविष्य के लिए लाभकारी खोजों में बदलना है।

