पूरी दुनिया में बढ़ते हुए तापमान और ग्लोबल ट्रैवल के चलते, मच्छर और उनसे फैलने वाली बीमारियां नए इलाकों तक पहुँच रही हैं। 2023 में जहां दुनिया भर में, मच्छरों से फैलने वाले डेंगी संक्रमण के 65 लाख केस रिपोर्ट किए गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या दुगनी से भी ज़्यादा हो गई।
साफ़ है कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है। इसलिए अब मच्छरों की रोकथाम के लिए कंपनियां केमिकल छिड़काव की जगह AI की मदद ले रही हैं।
अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी Mosqitter ने ऐसे केमिकल फ्री समाधान बनाए हैं जो इंसान के शरीर की गर्मी, गंध और सांस की नकल करते हैं। इससे मादा मच्छर इनकी ओर आकर्षित होकर फंस जाती हैं जिससे मच्छरों की आबादी कंट्रोलड रहती है। क्योंकि मादा मच्छर ही अंडे देने से पहले खून ग्रहण करने के लिए काटती है।
कंपनी के दो उपकरण हैं – बड़े इलाकों और सार्वजनिक जगहों के लिए Mosqitter Grand और घरों के लिए Mosqitter Mini। इसके साथ ही कंपनी ऐसे उपकरण भी विकसित कर रही है जो मच्छरों को पकड़ने के साथ-साथ उनकी प्रजातियों की पहचान करने और उनकी संख्या पर लगातार नज़र रखने में भी मदद करें।
इसमें AI और Computer Vision से पकड़े गए मच्छरों की तस्वीरों का तीन लेवल पर विश्लेषण किया जाता है, जिससे मच्छरों की प्रजाति पहचानी जाती है। साथ ही इसमें मौसम, हवा और नमी का डेटा भी जोड़ा जाता है। इस सर्विलांस से पता चलता है कि किस इलाके में ख़तरनाक मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही अलर्ट जारी किया जा सके।
हालांकि यह सिस्टम मच्छरों में बीमारी की पुष्टि नहीं करता, बल्कि बताता है कि बीमारी फैलाने वाले मच्छर कहां और कितनी संख्या में मौजूद हैं।

