
चीन के युन्नान इलाके में फ़ील्ड वर्क करते हुए वैज्ञानिकों ने डायनजूनस रेक्स या डी-रेक्स नाम की एक नई प्रजाति खोजी है। नाम से तो यह किसी डायनासोर की प्रजाति लगती है… परंतु है यह एक विशाल कवक यानी fungus, जो दक्षिण-पश्चिमी युन्नान प्रांत के अलग-अलग जंगलों में मिला है। डी-रेक्स कोई आम फंगस नहीं है। इसकी ऊंचाई 20 इंच और वज़न 2 किलो से ज़्यादा हो सकता है। इसे चीनी कॉर्क ओक पेड़ की जड़ों पर उगता हुआ पाया गया।
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह Ascomycota समूह में अब तक खोजे गए कवकों में सबसे बड़े फलनकाय वाली प्रजाति है। फलनकाय यानी कवक का वो हिस्सा जहां बीजाणु बनते हैं, जिनकी मदद से कवक फैलता है। वैज्ञानिकों ने इस सफेद रंग के कवक के नमूने को इकट्ठा किया और प्रयोगशाला में इसके आकार, बीजाणुओं और DNA की जांच की।
जाँच से पता चला कि यह सिर्फ नई प्रजाति नहीं, बल्कि नया Genus और नया परिवार—Dianjunaceae है। जो साढ़े छः करोड़ वर्ष पहले, डायनासोर के खात्मे के ठीक बाद अस्तित्व में आया। यानी टी-रेक्स के खत्म होने के बाद, डी-रेक्स पैदा हुआ। वैज्ञानिकों का मानना है, डायनासोर के मरने के बाद जंगलों में जो लकड़ियों का ढेर लगा, उसी ने इस दानव फंगस को जन्म दिया होगा।
Frontiers in Fungal Biology में प्रकाशित यह अध्ययन हमें याद दिलाता है कि जंगल सिर्फ पेड़ों से नहीं बनते… वहां डी-रेक्स जैसी कई प्रजातियां हो सकती हैं जो सामने होते हुए भी छिपी हैं। और जिनसे हम जीवन और काल, दोनों के रहस्यों को उजागर कर सकते हैं।

