fbpx
News Research

ग्रीनहाउस गैसें रिकॉर्ड स्तर पर, अब H₂ और SF₆ ने बढ़ाई चिंता

Featured Video Play Icon

संयुक्त राष्ट्र की World Meteorological Organization (WMO) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ग्रीनहाउस गैसों का स्तर अब तक का सबसे ऊंचा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में कार्बन डाइऑक्साइड 426.8 पार्ट्स पर मिलियन (ppm), मीथेन 1,948 पार्ट्स पर बिलियन (ppb) और नाइट्रस ऑक्साइड 339.1 पार्ट्स पर बिलियन (ppb) दर्ज की गई। ये गैसें गर्मी को वातावरण में रोकती हैं, जिससे लू, बारिश और चक्रवात जैसी घटनाएं बढ़ती हैं।

लेकिन इस बार WMO की चिंता सिर्फ़ इन तीन गैसों तक ही सीमित नहीं है। रिपोर्ट में पहली बार हाइड्रोजन और सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैसों को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।

हाइड्रोजन वैसे सीधे ग्लोबल वॉर्मिंग नहीं करती, लेकिन यह उन हाइड्रॉक्सिल रेडिकल्स को ख़त्म कर देतो है, जो मीथेन जैसी गैसों को वातावरण से साफ़ करते हैं। यानी हाइड्रोजन बढ़ने से मीथेन ज्यादा समय तक टिका रहेगा और ग्लोबल वॉर्मिंग की रफ्तार तेज़ होगी।

परंतु सबसे चिंताजनक है सल्फर हेक्साफ्लोराइड (SF6) जैसी भारी ग्रीनहाउस गैस का वातावरण में बढ़ना। इस गैस का इस्तेमाल दरअसल बिजली के उपकरणों में होता है और यह CO2 से लगभग 23,500 गुना ज़्यादा शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है। एक बार उत्सर्जित होने के बाद यह 3,200 साल तक वातावरण में बनी रहती है।

WMO ने चेतावनी दी है कि इन नई गैसों का बढ़ता स्तर भविष्य में जलवायु परिवर्तन को और भी गंभीर बना सकता है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अगले महीने तुर्कीए में कॉप 31 जलवायु सम्मेलन होने वाला है। उम्मीद है कि इन नई गैसों के नियंत्रण को लेकर भी चर्चा होगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like