
नासा का आर्टेमिस II मिशन एक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य इसी दशक में चंद्रमा पर मानव भेजना और वहां स्थायी बस्ती बनाना है।
इस मिशन के तहत नासा ने 2022 में आर्टेमिस-1 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य नई तकनीकों की जांच करना और भविष्य के मिशनों की तैयारी करना था। यह एक मानव रहित मिशन था। इसका अगल चरण रहा मानव युक्त आर्टेमिस 2 मिशन, जिसे इसी महीने लॉन्च किया गया था, जो पूरी तरह से सफल रहा।
आर्टेमिस 2 के तहत, लगभग 10 दिनों की यात्रा पर निकला मानव युक्त ओरायन यान, न केवल चंद्रमा का चक्कर लगाकर पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लौटा, बल्कि अंतरिक्ष में सबसे लंबी दूरी तय करने वाला मानव युक्त अभियान भी बन गया।
Pacific Daylight Time समय के अनुसार, Orion capsule 10 अप्रैल 2026 को शाम 5:07 बजे प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया तट के पास सुरक्षित उतरा, हालांकि पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय यान की गति लगभग 40,000 किमी/घंटा थी, और तापमान करीब 2,700 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
नासा के अनुसार इस अभियान में शामिल चारों अंतरिक्ष यात्री स्वस्थ रहे जिससे अंतरिक्ष में ओरायन अंतरिक्ष यान की प्रणालियों जैसे लाइफ सपोर्ट, नेविगेशन और हीट शील्ड की सफलतापूर्वक जांच हुई।
नासा के अनुसार आर्टेमिस II मिशन ने साबित किया है, कि इंसान अब फिर से चंद्रमा पर जाने के लिए तैयार हैं। अब नासा का अगला मिशन आर्टेमिस III है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है।

