हाल ही में भारत का स्पेस-टेक स्टार्टअप GalaxEye ने, सैटेलाइट इमेजिंग से जुड़ी अपनी OptoSAR तकनीक के लिए अमेरिका में पेटेंट हासिल किया है। इस उपलब्धि से GalaxEye सैटलाइट इमेजिंग टेक्नोलॉजी के लिए US पेटेंट पानी वाली पहली भारतीय स्टार्टअप बन गई है।
OptoSAR तकनीक विश्व की पहली उपग्रह इमेजिंग प्रणाली है जो ऑप्टिकल कैमरों और सिंथेटिक एपर्चर रडार को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है। इससे धरती पर किसी भी जगह की जानकारी, एक ही समय पर दो तरीकों से मिल सकती है।
अब तक ऑप्टिकल और रडार तस्वीरों के लिए अलग-अलग सैटेलाइट या अलग समय पर मिले डेटा पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब GalaxEye की यह तकनीक दोनों सेंसरों को एक ही सैटेलाइट में, साथ काम करने की सुविधा देती है।
ऑप्टिकल कैमरे से धरती की सतह पर पाए जाने वाले पेड़-पौधों, सड़कों, इमारतों और पानी की साफ़ तस्वीरें मिलती हैं। लेकिन इसे रोशनी की ज़रूरत होती है और ख़राब मौसम या बादल तस्वीरें लेने में रुकावट बन सकते हैं।
वहीं माइक्रोवेव सिग्नल का इस्तेमाल करने वाला Synthetic Aperture Radar बादलों के बीच से भी धरती का अवलोकन आसानी से कर सकता है, और दिन-रात जानकारी जुटा सकता है।
GalaxEye मई 2026 में मिशन दृष्टि के ज़रिए विश्व का पहला OptoSAR सैटेलाइट अंतरिक्ष में भी भेज चुकी है, हालांकि 2 महीने बाद भीषण जिओ मैग्नेटिक सोलर स्टॉर्म के कारण इस सेटेलाइट से संपर्क टूट गया था।. परंतु कंपनी इस नुकसान को पहला कदम मानकर, आने वाले 5 सालों में नए सेटेलाइट्स बनाने की ओर अग्रसर है।

