बाढ़ और तेज़ बारिश जैसी घटनाओं से पानी की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है। तेज़ बारिश के दौरान खेतों में इस्तेमाल किए गए कीटनाशक पानी के साथ बहकर नदियों और झीलों तक पहुंच जाते हैं। जिससे इकोसिस्टम के साथ-साथ जल आपूर्ति के लिए भी गंभीर चुनौतियां पैदा होती हैं। इसलिए ज़रूरत है ऐसी तकनीक की जो पानी के स्रोत के पास जाकर, वास्तविक समय में पानी की जांच कर सके।
इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए नॉर्वे की रिसर्च संस्था SINTEF के साथ कई देशों के वैज्ञानिक STARDUST प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। जिसके तहत ऐसा ऑप्टिकल सेंसर बनाने की कोशिश की जा रही है, जो पानी में मौजूद अलग-अलग कीटनाशकों को तुरंत पहचान सके।
शोधकर्ता SERS यानी Surface-enhanced Raman Spectroscopy तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह पानी में मौजूद कम मात्रा वाले रसायनों के प्रकाश संकेतों को बढ़ाकर उनकी पहचान करने में मदद करती है।
इसके साथ ही Microfluidics, यानी बहुत छोटी नलियों में पानी के नमूने को बहाने वाली तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि Artificial Intelligence (AI) की मदद से, कम मात्रा में मौजूद अलग-अलग कीटनाशकों को पहचानने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
वैज्ञानिकों का लक्ष्य छोटे सूटकेस जितनी लैब बनाने का है। जिसे नदियों और झीलों तक ले जाकर तुरंत पानी की जांच की जा सके और सही समय पर ज़रूरी कदम उठाए जा सकें।

