
भारत के स्पेस सेक्टर को मज़बूत बनाने के लिए कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में देश का पहला State-Led Space Technology Centre लॉन्च किया है। माना जा रहा है, कि यह पहल भारत की Space Economy को नई रफ़्तार दे सकती है।
इस नए सेंटर का नाम सीओई स्पेसटेक फाउंडेशन रखा गया है। और इसे Karnataka Innovation and Technology Society और SIA-India ने मिलकर तैयार किया है। इस सेंटर का मकसद नई अंतरिक्ष तकनीकों और रिसर्च को सीधे लोगों और बाजार की जरूरतों से जोड़ना है।
इस प्रोजेक्ट में कई भारतीय और विदेशी संस्थाएं भी शामिल हुई हैं। इनमें Manipal Academy of Higher Education, अमेरिकी कंपनी हेलोजेन कॉर्पोरेशन, डसॉल्ट सिस्टम्स, और ABLE जैसी संस्थाएं शामिल हैं। ये संस्थाएं भारतीय स्टार्टअप्स और स्पेस कंपनियों को नई तकनीक, रिसर्च और फंडिंग में मदद देंगी।
यह सेंटर खेती, मौसम और जलवायु की निगरानी, आपदा प्रबंधन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में Space Technology के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, आने वाले समय में Satellite Network और नई तकनीकी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है, कि अगर इस पहल को लगातार समर्थन मिलता रहा, तो भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की बड़ी Space Economy में अपने स्थान को और मज़बूत बना सकता है।

