खगोलविद लंबे समय से मानते आए हैं कि बिग बैंग के बाद का शुरुआती ब्रह्मांड बेहद शुद्ध था, जिसमें सिर्फ़ हाइड्रोजन और हीलियम जैसे हल्के तत्व थे। लेकिन एरिज़ोना विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित एक नई स्टडी ने इस धारणा को बदल दिया है।
वैज्ञानिकों ने नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से लगभग 13 अरब साल पुरानी 3 प्राचीन आकाशगंगाओं की रोशनी का अध्ययन किया। यह वो दौर था जब ब्रह्मांड अपनी आज की उम्र के केवल तीन प्रतिशत पर था… टीम ने अनोखा तरीका अपनाकर खुद आकाशगंगाओं को ही टॉर्च की तरह इस्तेमाल किया। जब इन आकाशगंगाओं की रोशनी पृथ्वी की ओर आई, तो वह उनके आसपास की गैस से होकर गुज़री।
30 घंटे लंबे एक्सपोजर से मिले स्पेक्ट्रा में वैज्ञानिकों ने अवशोषण के निशान देखे, जो कार्बन, ऑक्सीजन और सिलिकॉन जैसे भारी तत्वों की मौजूदगी बता रहे थे। और ये निशान ब्लूशिफ्टेड थे, जो बताते हैं कि गैस आकाशगंगा से बाहर निकल रही थी।
इससे पता चलता है कि शुरुआती आकाशगंगाएँ न सिर्फ भारी तत्व बना रही थीं, बल्कि उन्हें अंतरिक्ष में फैलाकर दूसरी आकाशगंगाओं तक पहुंचा भी रही थीं। इस आदान-प्रदान को वैज्ञानिक बैरियन साइक्लिंग कहते हैं जो दिखाता है कि ब्रह्मांड एक जुड़ा हुआ इकोसिस्टम है।
यह खोज एक बड़े सवाल का जवाब भी देती है – कि हमें आज तक शुद्ध हाइड्रोजन-हीलियम से बने पहली पीढ़ी के पॉपुलेशन-III तारे क्यों नहीं मिले? क्योंकि बिग बैंग के महज़ 50 करोड़ साल के भीतर ही पहली आकाशगंगाओं ने आसपास की शुद्ध गैस को भारी तत्वों से भर दिया, जिससे ऐसे तारों के बनने की गुंजाइश ही ख़त्म हो गई।

