
हाल ही में James Webb Space Telescope यानी JWST की मदद से वैज्ञानिकों ने एक बड़ी खोज की है। सौर मंडल के बाहर, पहली बार, Jupiter जैसे एक ग्रह पर जल-बर्फ से बने बादलों के सशक्त सबूत पाए गए हैं।
2019 में खोजा गया एप्सिलॉन इंडी एबी (Epsilon Indi Ab) नामक यह ग्रह Jupiter से लगभग साढ़े सात गुना अधिक भारी है, लेकिन आकार में Jupiter जैसा ही है। इसका तापमान –70°C से +20°C के बीच रहता है, इसलिए यह एक ठंडा ग्रह है ।
इस Exoplanet के वायुमंडल पर आधारित इस शोध को The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित किया गया है।
दरअसल, मेज़बान तारे की तेज़ रोशनी की वजह से एक्सोप्लैनेट्स को असलियत में
देख पाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन 2022 में JWST के ऑपरेशनल होने से, वैज्ञानिक अब इन दूरस्थ ग्रहों के वातावरण का भी गहराई से अध्ययन कर पा रहे हैं।
Epsilon Indi Ab का अवलोकन करने के लिए, वैज्ञानिकों ने JWST पर स्थित मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (MIRI) का उपयोग किया, जो एक्सोप्लैनेट्स के तारे के प्रकाश को ब्लॉक करके ग्रह को देखने का अवसर प्रदान करता है।
वैज्ञानिक इस बात से हैरान हुए कि जुपिटर जैसा ग्रह होने के बावजूद इस ग्रह की एटमॉस्फेयर में अमोनिया गैस काफी कम पाई गई। वैज्ञानिकों के अनुसार इसका सबसे अच्छा स्पष्टीकरण यह है, कि इस ग्रह पर भी, पृथ्वी के वायुमंडल की ऊंचाइयों पर पाए जाने वाले सिरस क्लाउड्स के समान, घने, खंडित जल-बर्फ के बादल मौजूद हैं, जो अमोनिया को छिपा रहे हैं।
James Webb Space Telescope की सहायता से किए गए ये अवलोकन पृथ्वी जैसे एक्सोप्लैनेट्स को खोजने और उनकी विशेषताओं का पता लगाने की दिशा में एक ख़ास और दिलचस्प कदम हैं।

