कैंसर के इलाज का एक महत्वपूर्ण चरण होता है- कीमोथेरेपी। जिसमें तेज़ी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए शक्तिशाली दवाओं का उपयोग किया जाता है।
परंतु ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं के साथ शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसी वजह से मरीज़ों को अक्सर थकान, मतली, बाल झड़ने और संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। और कई बार कैंसर कोशिकाएं इस ट्रीटमेंट का प्रतिरोध करने में भी कामयाब हो जाती हैं। इसलिए ज़रूरत है कैंसर के इलाज को और ज़्यादा सुरक्षित और प्रभावी बनाया जाए।
इसी दिशा में Institute of Advanced Study in Science and Technology (IASST) और IIT गुवाहाटी के वैज्ञानिक मिलकर RK-251 नामक एक स्मार्ट दवा विकसित कर रहे हैं। RK-251 एक prodrug है जो शुरुआत में तो निष्क्रिय रहती है परंतु जब इसे शरीर के अंदर Reactive Oxygen Species का स्तर ज़्यादा मिलता है, (जो कि अक्सर कैंसर कोशिकाओं में पाया जाता है..), तो यह एक्टिव हो जाती है।
इसके बाद यह NBDHEX नाम का कैंसर-रोधी यौगिक छोड़ती है, जो उन proteins को निशाना बनाता है जिनका उपयोग कैंसर कोशिकाएं जीवित रहने, और उपचार का प्रतिरोध करने के लिए करती हैं। शुरुआती परीक्षणों में RK-251 ने ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ़ अच्छा असर दिखाया है, जबकि गैर-कैंसर कोशिकाओं पर इसका असर कम पाया गया।
फ़िलहाल यह शोध अभी प्रीक्लिनिकल स्टेज में है। भविष्य में अगर इसके क्लिनिकल ट्रायल सफल रहते हैं, तो RK-251 कैंसर के इलाज को ज़्यादा सुरक्षित और सटीक बनाने में मदद कर सकती है।

