
भारतीय खगोलविदों की अगुवाई में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने अंतरिक्ष में दो व्हाइट ड्वार्फ (श्वेत बौने) तारों की ऐसी जोड़ी खोजी है, जो बहुत तेज़ी से एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह अब तक खोजे गए सबसे तेज़ी से सिकुड़ने वाले तारकीय सिस्टमों में से एक है। इस सिस्टम का नाम eRASSU J0608 है।
और वैज्ञानिकों का कहना है की ये दोनों तारे एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और सिर्फ़ 6 मिनट में एक-दूसरे का एक चक्कर पूरा कर लेते हैं। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने पाया कि दोनों तारों के बीच की दूरी लगातार कम हो रही है और उनका ऑर्बिट भी छोटा होता जा रहा है।
व्हाइट ड्वार्फ, दरअसल तारों के बचे हुए गर्म और घने कोर होते हैं, जो सूर्य जैसे तारों का nuclear fuel ख़त्म होने के बाद बनते हैं। इनका आकार तो पृथ्वी के बराबर होता है, परंतु द्रव्यमान सूर्य के क़रीब।
वैज्ञानिकों की टीम ने Chinese-led Einstein Probe mission, NASA के NICER और XMM-Newton से मिले लगभग साढ़े तीन साल के डेटा का अध्ययन किया। इससे पता चला कि eRASSU J0608 का ऑर्बिट दूसरे ऐसे सिस्टम्स की तुलना में काफ़ी तेज़ी से छोटा हो रहा है।
The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों का मानना है, कि यह सिस्टम भविष्य में LISA (Laser Interferometer Space Antenna) जैसी space observatories के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बन सकता है क्योंकि इससे निकलने वाले ग्रेविटेशनल वेव सिग्नल काफ़ी शक्तिशाली होंगे।
यानी eRASSU J0608 ठीक वैसा ही सोर्स है जिसे डिटेक्ट करने के लिए भविष्य की स्पेस-बेस्ड ऑब्ज़र्वेटरीज़ को डिज़ाइन किया गया है। इसलिए वैज्ञानिक इसे भविष्य की अंतरिक्ष observatories के लिए verification source मान रहे हैं।

