हाल ही में अमेरिका की Food and Drug Administration (FDA) ने mRNA तकनीक से बनी पहली फ्लू वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। mFlusiva नाम की इस वैक्सीन को अमेरिकी कंपनी Moderna ने तैयार किया है। FDA ने लगभग 40 हज़ार लोगों पर किए गए अध्ययन के आधार पर इसे मंज़ूरी दी है।
अमेरिका में हर साल फ़्लू की वजह से हज़ारों लोगों की मौत होती है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। इस अध्ययन के दौरान पाया गया कि एमफ्लुसिवा वैक्सीन लेने वाले लोगों में फ्लू के मामले 27% कम पाए गए।
mRNA आधारित यह वैक्सीन शरीर की कोशिकाओं को फ़्लू वायरस के प्रोटीन बनाने के लिए ज़रूरी जानकारी देती है। इसके बाद शरीर का इम्यून सिस्टम इस प्रोटीन को पहचानकर वायरस से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है। वैक्सीन बनाने के लिए mRNA तकनीक सबसे पहली बार COVID के दौरान अपनाई गई थी।
इस तकनीक का एक बड़ा फ़ायदा यह है कि अगर वायरस का स्ट्रेन बदल जाता है, तो mRNA तकनीक की मदद से वैक्सीन में भी जल्दी बदलाव किया जा सकता है। यानी वैक्सीन को ज़रूरत के मुताबिक अपडेट किया जा सकता है और जल्दी बनाया जा सकता है। जबकि पारंपरिक तरीक़े से तैयार की जाने वाली वैक्सीन में यह संभव नहीं होता।
फिलहाल, एमफ्लुसिवा वैक्सीन को 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए मंज़ूरी दी गई है। ख़ासतौर पर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में फ़्लू का ख़तरा ज़्यादा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, फ़्लू सीज़न से पहले ही एमफ्लुसिवा वैक्सीन को चुनिंदा दवा की दुकानों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

