
भारतीय मूल के अमेरिकी चिकित्सक डॉ अनिल मेनन, 14 जुलाई 2026 को अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पर जा रहे हैं। डॉ मेनन कज़ाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से, सोयुज़ MS-29 में सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेंगे।
इस उड़ान में उनके साथ रोस्कोस्मोस के दो अंतरिक्ष यात्री भी होंगे। ये तीनों अंतरिक्ष यात्री ISS में लगभग आठ महीने बिताएंगे और 2027 के वसंत में पृथ्वी पर वापस लौटेंगे।
अपने अभियान के दौरान, मेनन वैज्ञानिक जांच और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रयोग करेंगे ताकि भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर खोज अभियानों के लिए इंसानों को तैयार किया जा सके और पृथ्वी पर भी इसके फायदे मिल सकें।
उनके मिशन के दौरान सैकड़ों प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें वे माइक्रोग्रैविटी में अंतरिक्ष यात्रियों की नसों की बनावट, रक्त के प्रवाह और रक्त की संरचना को बेहतर ढंग से समझने के लिए किए जाने वाले अध्ययनों में हिस्सा लेंगे।
वे अंतरिक्ष स्टेशन के पीने के पानी का इस्तेमाल करके इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड बनाने का परीक्षण भी करेंगे। नासा के 2021 एस्ट्रोनॉट बैच से चुने गए डॉक्टर मेनन का करियर बहुआयामी रहा है। और ISS पर उनके प्रयोग भी मानव अंतरिक्ष अभियानों को नया आयाम देंगे।

