भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO ने DRDO, Indian Air Force और Indian Army के सहयोग से गगनयान मिशन के लिए पांचवा Integrated Main Parachute Airdrop Test सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
यह महत्वपूर्ण परीक्षण 07 जुलाई 2026 को, मध्य प्रदेश के श्योपुर में, DRDO-ADRDE लैब के ड्रॉप ज़ोन में किया गया। गगनयान के Crew Module को समुद्र में सुरक्षित उतारने के लिए कुल 10 पैराशूट लगाए गए हैं और इस बार के टेस्ट का मकसद था Main Parachute की मज़बूती और डिज़ाइन को जांचना।
यह जांच पहले मानव रहित Gaganyaan मिशन यानी G1 की सबसे ज़्यादा लोड वाली स्थिति के लिए की गई। टेस्ट के लिए एक Main Parachute और डमी वज़न के संयोजन को भारतीय वायुसेना के IL-76 विमान से 2.5 km की ऊंचाई से गिराया गया।
पहले एक Extractor Parachute खुला, फिर Drogue Parachute ने उसे स्थिर किया। सही स्थिति आने पर Main Parachute खुला और उसने पेलोड की स्पीड को सुरक्षित स्तर तक कम कर दिया।
इस सीरीज़ के 5वें टेस्ट के सफल होने से यह भरोसा मिल गया है कि G1 मिशन के लिए मुख्य Parachute System पूरी तरह भरोसेमंद और सुरक्षित है।

