fbpx
News Research

IUCAA-DZA के सहयोग से बढ़ी MALS की वैश्विक पहुंच

Featured Video Play Icon

पुणे स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स (IUCAA) के वैज्ञानिक, दक्षिण अफ्रीका के शक्तिशाली रेडियो टेलीस्कोप पर चलने वाले मीरकैट एब्जॉर्प्शन लाइन सर्वे या MeerKAT Absorption Line Survey (MALS) का नेतृत्व करते हैं।

2025 के अंत तक, MALS अपने निर्धारित 1,400 घंटे के ऑब्ज़रवेशन पूरे कर चुका है, और रेडियो स्काई के ऑब्जरवेशन से इस सर्वे ने 1.5 petabytes का रॉ डाटा generate किया है।

अब एक अंतरराष्ट्रीय पहल के अंतर्गत इस विशाल सर्वे का Data Gateway जर्मनी के जर्मन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स (DZA) में लॉन्च किया गया है। यह पहल DZA के IT समूह, और IUCAA के IT विभाग के बीच घनिष्ठ सहयोग का परिणाम है।

DZA के उन्नत सुपरकंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में स्थापित इस गेटवे के ज़रिए, दुनिया भर के शोधकर्ता, छात्र और खगोलविद MALS के विशाल स्पेक्ट्रल डेटा तक आसानी से पहुंच सकेंगे और शोध के लिए इसका फ़ायदा उठा सकेंगे।

यह सर्वे ब्रह्मांड में ठंडी गैस और आकाशगंगाओं के विकास को समझने के लिए सुदूर आकाशगंगाओं से आने वाली रेडियो अवशोषण रेखाओं का अध्ययन करता है।

वैज्ञानिकों का मानना है जब ज़्यादा शोधकर्ता एक ही डेटा पर अलग-अलग नज़रिए से काम करेंगे, तो ब्रह्मांड के अनसुलझे सवालों के जवाब मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

DZA, MALS के डेटा का उपयोग पोलराइज़्ड रेडियो स्काई का विस्तृत मानचित्र बनाने के लिए भी करेगा। जिससे शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड मैग्नेटाइज़ कैसे हुआ?

इस साझेदारी से भारतीय खगोल डेटा तक अंतरराष्ट्रीय पहुंच तो बढ़ेगी ही, साथ ही अगली पीढ़ी के रेडियो टेलिस्कोप्स (for example-Square Kilometre Array) से अपेक्षित विशाल डेटा को संभालने के लिए एक आधार भी मिलेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like