
ऑस्ट्रेलिया की RMIT University के शोधकर्ताओं ने पानी को साफ़ करने के लिए एक नया चुंबकीय पदार्थ तैयार किया है। यह पदार्थ पानी से माइक्रोप्लास्टिक, नैनोप्लास्टिक और कुछ ख़तरनाक PFAS को भी तेज़ी से हटा सकता है।
कनाडा की ‘वन आई इंडस्ट्रीज़’ की मैग्नेटिक सेपरेशन टेक्नोलॉजी और एड्सॉर्बेंट को मिलाकर बनाए गए इस प्रोटोटाइप सिस्टम को इस्तेमाल करने के बाद, चुंबक की मदद से आसानी से अलग किया जा सकता है और दोबारा उपयोग में भी लाया जा सकता है। यह नई तकनीक वैज्ञानिकों की 2022 की खोज को और बेहतर बनाकर तैयार की गई है।
लैब में हुए परीक्षणों में इस पदार्थ ने एक घंटे के अंदर 95% से ज़्यादा माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक हटाए। इसके अलावा मरकरी, क्रोमियम, कॉपर, डाई और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं के अवशेष भी 95% से ज्यादा साफ़ किए। और इनमें से लगभग 80% प्रदूषक केवल 15 मिनट में साफ़ हो गए।
जब वैज्ञानिकों ने इस पदार्थ को कपड़ा उद्योग के गंदे पानी में आज़माया, तो यह 88% से ज्यादा polyester microfiber और कई तरह के रंगों को हटाने में सफल रहा। साथ ही यह मीठे और खारे दोनों तरह के पानी में भी अच्छी तरह काम करता है।
शोधकर्ता अब इस तकनीक को बारिश के पानी और सीवेज पानी को साफ़ करने में इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अगर यह सफल रहती है, तो भविष्य में पानी से नैनोप्लास्टिक और दूसरे ख़तरनाक प्रदूषकों को हटाने का सस्ता और प्रभावी समाधान बन सकती है।

