
धरती पर बढ़ती आबादी और बदलते मौसम की वजह से साफ पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन रही है। खासकर सूखे इलाकों में पीने के पानी की दिक्कत लगातार बढ़ती जा रही है। इसी समस्या को देखते हुए नॉर्वे की शोध संस्था SINTEF के वैज्ञानिकों ने एक मैटेरियल तैयार किया है, जो हवा में मौजूद नमी को सोखकर उसे पीने के पानी में बदल सकता है। इस तकनीक को Atmospheric Water Generator कहा जाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह तकनीक नम हवा में अच्छी तरह काम करती है, वही जब हवा में नमी 50% से कम होती है, तब इसमें ज्यादा ऊर्जा लगती है और महंगी भी पड़ती है। इसलिए वैज्ञानिकों ने एक नया Polymer Material बनाया है। जो दो चीजों से मिलकर बना है, एक रबर जैसा लचीला मटेरियल Elastomer और दूसरा पानी सोखने वाला Polymer।
जब ये मैटेरियल पानी सोख लेता है, तब इसे गर्म किया जाता है। और गर्म करने पर इसमें जमा हुआ पानी बाहर निकलकर टैंक में इकट्ठा हो जाता है। और इस मैटेरियल की खास बात ये है, कि ये सस्ते कच्चे माल से बनता है, बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है और लंबे समय तक खराब भी नहीं होता।
वैज्ञानिकों का कहना है, कि ये नई तकनीक भविष्य में सूखे इलाकों में सस्ता और सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है।

