
CSIR– राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) के 80वें स्थापना दिवस के अवसर पर, 5 जनवरी 2026 को, भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी भविष्य को मज़बूत करने वाली दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुविधाओं की शुरुआत की गई।
विश्व की दूसरी “राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला” और विश्व के पांचवें “सौर सेल अंशांकन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधा केन्द्र” का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।
देश की प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में से एक ‘CSIR–National Physical Laboratory’ भारत का राष्ट्रीय मापन संस्थान है। जो देश के मापन मानकों और भारतीय मानक समय को बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार है।
दिल्ली में स्थित यह प्रयोगशाला उद्योग, शोध और नीतिगत फैसलों के लिए भरोसेमंद वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करती है। नई सुविधाएं भी CSIR-NPL की इसी भूमिका को और मज़बूत बनाती हैं।
राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला- भारत की वास्तविक जलवायु परिस्थितियों में वायु प्रदूषण मापने वाले उपकरणों की सटीक जाँच और calibration को संभव बनाएगी। यह प्रयोगशाला पर्यावरण से जुड़े measurement को और भरोसेमंद बनाने का काम करेगी। इससे सरकार, उद्योग और स्टार्ट-अप्स को सही पर्यावरण डेटा मिलेगा, जिससे स्वच्छ हवा और पर्यावरण संरक्षण को मज़बूती मिलेगी।
Solar Cell Calibration के लिए बनाई गई राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधा के शुरू होने से भारत अब सोलर उपकरणों की जाँच और मापन के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहेगा। इससे समय और पैसे की बचत होगी और देश के तेज़ी से बढ़ते सौर क्षेत्र में निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। यह सुविधा भारत को सौर मेट्रोलॉजी में विशिष्ट वैश्विक लीग का सदस्य भी बनाती है।
ये दोनों नई सुविधाएँ CSIR-NPL को पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक तय करने वाली अग्रणी संस्था के रूप में सशक्त बनाती हैं, साथ ही भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम है।

