
आसानी से मिल जाने वाला पैकेज्ड फूड अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। ना तो यह ज्यादा महंगा होता है, और ना ही बनाने में मुश्किल। साथ ही स्वाद भी अच्छा होता है। इसलिए कुछ लोग इसे रोज़ाना खाना भी पसंद करते हैं। लेकिन ये अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाता है।
अमेरिका की Tulane University के शोधकर्ताओं ने डेढ़ लाख से ज्यादा.. ऐसे लोगों पर अध्ययन किया जो रोज़ाना लगभग आठ सर्विंग अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाते थे और देखा कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड रोज़ खाने वालों की हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं।
ज्यादा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने वालों की रीढ़ और जांघ की हड्डियों में बोन मिनरल डेंसिटी कम पाई गई। यानी ऐसे लोगों की हड्डियों में जरूरी Minerals कम हो रहे थे। इसका असर सबसे ज्यादा कम उम्र और कम वज़न वाले व्यक्तियों में देखा गया।
अध्ययन से यह भी पता चला कि एक दिन में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की 3 से 4 सर्विंग खाने वालों की कूल्हे की हड्डी टूटने का ख़तरा करीब 10.5 प्रतिशत बढ़ सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है, की इन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में नमक, चीनी, खराब वसा और कृत्रिम पदार्थ ज्यादा होते हैं, जबकि कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और फाइबर कम होते हैं। इसलिए अगर ताज़ी सब्जियाँ, दाल, दूध और फल कम खाया जाए और पैकेट वाला खाना ज्यादा खाया जाए, तो हड्डियाँ धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगती हैं जिससे आगे चलकर कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
हमें यह याद रखना चाहिए कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड रोज़ खाने के लिए नहीं होते। इन्हें तभी खाएं जब ताज़ा और पौष्टिक खाना उपलब्ध न हो। स्वाद और सुलभता के पीछे अपने स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाएं।

