
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु की निदेशक प्रोफेसर अन्नापुर्नी सुब्रमण्यम को साल 2026 के COSPAR विक्रम साराभाई मेडल से सम्मानित किया गया है। प्रोफेसर अन्नापुर्नी सुब्रमण्यम इस मेडल को पाने वाली पहली भारतीय महिला वैज्ञानिक बन गईं हैं।
यह पुरस्कार विकासशील देशों में अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है। उन्हें यह सम्मान हाल ही में, इटली के फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं COSPAR साइंटिफिक असेंबली में दिया गया।
अन्नापुर्नी सुब्रमण्यम यह मेडल पाने वाली चौथी भारतीय वैज्ञानिक हैं। उनसे पहले यू. आर. राव, गुरबक्स सिंह लखिना और अनिल भारद्वाज को यह सम्मान मिल चुका है।
अन्नापुर्नी सुब्रमण्यम पिछले 30 साल से ज़्यादा समय से खगोल विज्ञान के क्षेत्र में शोध कर रही हैं और उनके 175 रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने तारों, स्टार क्लस्टर, आकाशगंगाओं और पराबैंगनी खगोल विज्ञान पर महत्वपूर्ण काम किया है। उनके शोध ने अंतरिक्ष में तारों और दूसरी खगोलीय वस्तुओं को समझने में मदद की है।
उन्होंने भारत की पहली डेडीकेटेड मल्टी वेवलेंथ ऑब्जर्वेटरी AstroSat के अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (UVIT) के लिए कैलिब्रेशन साइंटिस्ट के तौर पर काम किया, और उसकी क्षमता को बेहतर तरीके से समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय थर्टी मीटर टेलीस्कोप (TMT) परियोजना में भारत की भागीदारी में भी योगदान दिया है।
साल 2019 में वह IIA की पहली महिला निदेशक बनी थीं। इसके बाद साल 2024 में उन्हें भारत सरकार द्वारा विज्ञान श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। COSPAR विक्रम साराभाई मेडल उनके लंबे वैज्ञानिक करियर और अंतरिक्ष अनुसंधान में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करता है।

